रायगढ़। प्लांट से माल लेकर निकले ट्रक में ही हेराफेरी की ऐसी योजना बनाई गई कि रास्ते में करीब 5 टन लोहा गायब कर दिया गया। रायपुर पहुंचने पर जब वजन कराया गया तो पूरी खेप में बड़ी कमी सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ट्रक चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर लोहे के क्वायल रास्ते में उतारकर एक गैरेज में छिपा दिए थे। पूंजीपथरा पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 5 लाख रुपये का लोहा बरामद किया है।
मामला गेरवानी स्थित चंद्रहासिनी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड का है। यहां से 9 सितंबर को 38.900 टन लोहा ट्रक क्रमांक CG10BS7041 में लोड कर रायपुर की पवन पुत्र ट्यूब्स कंपनी भेजा गया था। दो दिन बाद ट्रक रायपुर पहुंचा, लेकिन धर्मकांटा में वजन कराने पर लगभग 5 टन लोहा कम निकला। माल की कमी सामने आते ही ट्रक चालक मुरली साहू वाहन छोड़कर फरार हो गया।
कंपनी की शिकायत पर पूंजीपथरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ट्रक चालक मुरली साहू ने अपने भाई चेतन साहू उर्फ रामजाने को ड्राइविंग लाइसेंस और दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। इसके बाद पुलिस ने चेतन को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने गैरेज संचालक संतोष गुप्ता के साथ मिलकर हेराफेरी करने की बात बताई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने बाईपास रोड के उबड़-खाबड़ रास्ते में ट्रक से लोहे के दो क्वायल नीचे उतारने की योजना बनाई थी। इसके बाद इन क्वायल को हरिओम गैरेज में छिपा दिया गया, ताकि मौका मिलने पर उन्हें बेचकर पैसा कमाया जा सके।
पुलिस ने गैरेज में दबिश देकर दोनों क्वायल बरामद कर लिए। करीब 5 टन वजन के इस लोहे की कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में मुरली साहू, चेतन साहू उर्फ रामजाने और संतोष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से माल परिवहन के दौरान हुई सुनियोजित हेराफेरी का खुलासा हुआ है।

